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वीरान इमारते कुछ बयान करती होगी

मेघानी नगर विमान हादसे के 58 दिन बीत चुके हे, किसी ने अपना भाई, पति, पिता, पत्नी, पुत्र खोया होगा । ये खामोश इमारते बहुत कुछ कह जाती हे । अब सब कुछ शांत हो चुका हे पर एक सवाल आज भी हे कि हुआ क्या था? इस मंजर को आज भी याद करते हे तो दिल थम जाता हे, आज भी उस रास्ते में एक खामोशी हे जो हमे कुछ कहना चाहती होगी । हमे जिंदगी में एक दूसरे के साथ जो समय मिले उसे हसी ख़ुशी के साथ बिताना चाहिए । विमान में बैठने वालो को क्या पता था कि ये विमान लंदन पहुँचेगा ही नहीं, सबके अपने सपने होते हे लेकिन कुछ पूरा कर पाते कुछ नहीं । चलिए आज से आने वाले पल को ख़ुशी के साथ जिए, गिला शिकवा सब भूल कर एक दूसरे का साथ दे ।
एक सकारात्मक पहल मन्तव्य इंडिया न्यूज़ टीम की और से.
जय हिन्द



